रोहतक: शहर के व्यस्ततम इलाके सोनीपत स्टैंड पर मंगलवार दोपहर एक पिज्जा-बर्गर कैफे में भीषण आग लग गई। आग की वजह से रसोई में रखा एलपीजी सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे आसपास की दुकानों और मकानों में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।

शॉर्ट-सर्किट बना आग का कारण

कैफे संचालक जतिन के अनुसार, दोपहर करीब 3:30 बजे रसोई में कोई मौजूद नहीं था, जबकि नीचे के केबिन में ग्राहक बैठे थे। तभी अचानक शॉर्ट-सर्किट के कारण रसोई में आग भड़क गई। धुआं देख जब कर्मचारी ऊपर पहुंचा, तो लपटें विकराल रूप ले चुकी थीं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया।

धमाके की तीव्रता: 50 मीटर दूर मिली सिलेंडर की बॉडी

आग बुझाने की प्रक्रिया के दौरान रसोई में रखे तीन सिलेंडरों में से एक अचानक फट गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि:

  • पास की एक दुकान और एक मकान के खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए।
  • फटने वाले सिलेंडर का ऊपरी हिस्सा हवा में उड़कर करीब 50 मीटर दूर एक मकान की छत पर जा गिरा।
  • पास के निजी अस्पताल में मौजूद डॉक्टर, मरीज और मेडिकल स्टोर संचालक दहशत के कारण बाहर निकल आए।

फायर ब्रिगेड की तत्परता से टला बड़ा हादसा

दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रसोई में मौजूद अन्य दो सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया, अन्यथा तबाही और अधिक हो सकती थी। सिविल लाइन थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन देरी होने पर यह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।

लाखों का नुकसान, प्रशासन पर उठे सवाल

कैफे संचालक ने बताया कि उन्होंने हाल ही में करीब 4 लाख रुपये निवेश कर यह कैफे शुरू किया था, जो अब पूरी तरह जलकर खाक हो गया है।
इस हादसे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • नियमों की अनदेखी: व्यावसायिक गतिविधि होने के बावजूद कैफे में कमर्शियल की जगह घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
  • अधिकारियों की चुप्पी: शहर में कई स्थानों पर धड़ल्ले से घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।