माइक्रो फाइनेंस के नाम पर धोखाधड़ी, कर्मचारी फरार
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले से एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जहां माइक्रो फाइनेंस कंपनी ने महिलाओं को लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठग लिए। पैसे लेने के बाद कंपनी के सभी कर्मचारी रातों-रात फरार हो गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। महिलाओं ने बताया कि अस्मिता माइक्रो फाइनेंस नाम की कंपनी ने मात्र आठ दिनों के अंदर गांव की 500 से अधिक महिलाओं से करीब दो करोड़ रुपये वसूल लिए और फरार हो गई। कंपनी ने महिलाओं को दो लाख रुपये का लोन दिलाने का वादा किया था। इसके बदले हर महिला से पांच-पांच हजार रुपये पहले जमा करवाए गए। सभी महिलाओं से कहा गया था कि 26 मार्च को उनके खाते में लोन की रकम भेज दी जाएगी।
तय तारीख पर नहीं आया पैसा, दफ्तर पर लगा ताला
जब तय तारीख पर महिलाओं के खाते में पैसा नहीं आया, तो वे कंपनी के कार्यालय पहुंचीं। वहां पहुंचने पर देखा कि दफ्तर में ताला लटका हुआ है और कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है। इसके बाद गुस्साई महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि सुपौल बाजार की खोरागाछी रोड पर मुजफ्फरपुर के रहने वाले राहुल सिंह नाम के व्यक्ति ने 18 मार्च को कंपनी का दफ्तर खोला था। कंपनी की ओर से आकर्षक योजनाओं का प्रचार किया गया और महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि 26 मार्च को उनके खाते में दो लाख रुपये भेज दिए जाएंगे।
कई गांवों की महिलाएं बनीं शिकार
इस झांसे में आकर गौड़ाबौराम के पलवा की गुड़िया देवी, बहेड़ी थाना क्षेत्र के लोरिक धाम की पूनम देवी और रामदेव देवी, कुशेश्वरस्थान के हिरणी की मीना देवी, पूर्वी के चिगरी की पूनम और अलीनगर के श्यामपुर की रधिया देवी समेत जिले के अलग-अलग प्रखंडों की सैकड़ों महिलाओं ने पैसे जमा कर दिए। कंपनी के कर्मचारी 25 मार्च की रात तक गांव-गांव जाकर पैसे वसूलते रहे, ताकि लोगों को किसी तरह का शक न हो। इसके बाद सभी कर्मचारी अचानक गायब हो गए।
पुलिस ने मांगा आवेदन, जांच की तैयारी
इस मामले में बिरौल थानाध्यक्ष चन्द्रमणी ने बताया कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी का दफ्तर बंद होने और संचालक के फरार होने की जानकारी मिली है। सभी पीड़ित महिलाओं को थाने में आवेदन देने को कहा गया है। आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कंपनी के सभी कर्मचारी दफ्तर में ताला लगाकर फरार हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
