‘अब इस्लामाबाद की प्रतिष्ठा...’—सीजफायर पर Sanjay Raut की टिप्पणी
महाराष्ट्र। ईरान महायुद्ध के 40वें दिन सीजफायर की घोषणा की गई. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की डेडलाइन खत्म होने से डेढ़ घंटे पहले दो हफ्ते का सीजफायर घोषित किया गया. दोनों तरफ से हमले अब रुक गए हैं. ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अपील पर उन्होंने हमले के टाल दिया. इस पर शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है।
सीजफायर का श्रेय पाकिस्तान को मिल रहा- संजय राउत
संजय राउत ने कहा, "सीजफायर का श्रेय पाकिस्तान को मिल रहा है. ये भारत के लिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत ही शर्मिंदा करने वाली बात है. पाकिस्तान को हम हमेशा कंगाल देश कहते हैं. जब पाकिस्तान की मध्यस्थता की बात सामने आ गई तो विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि ये 'दलाल राष्ट्र' है और हम दलाली नहीं करते. अच्छी बात है, आप दलाली नहीं करते लेकिन इतना बड़ा देश है, आप अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं कर पाए।"
सीजफायर से जुड़ी बड़ी बातें
होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान-ओमान फीस वसूलेंगे
फीस वसूली से ईरान नुकसान की भरपाई करेगा
सीजफायर की शर्तों में होर्मुज की फीस भी शामिल
सीजफायर से पहले ट्रंप ने 2 लोगों को फोन किया था
ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ मुनीर से बात की थी
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को ट्रंप ने फोन किया था
पाकिस्तानी PM शहबाज की जगह आर्मी चीफ मुनीर को फोन किया
सीजफायर के पांच किरदार
डॉनल्ड ट्रंप- राष्ट्रपति, अमेरिका
अब्बास अराघची- विदेश मंत्री, ईरान
शहबाज शरीफ- प्रधानमंत्री, पाकिस्तान
आसिम मुनीर- आर्मी चीफ, पाकिस्तान
शी जिनपिंग- राष्ट्रपति, चीन
अब इस्लामाबाद की प्रतिष्ठा बढ़ेगी- संजय राउत
इसके आगे उन्होंने कहा, "लेकिन उसी दलाल राष्ट्र को प्रसिडेंट ट्रंप बोलते हैं थैंक्यू पाकिस्तान. इस युद्ध से पूरा विश्व सदमे में आया. अब इस्लामाबाद में शांति वार्ता चलेगी और वर्ल्ड मैप पर पाकिस्तान को महत्व मिलेगा. जिस इस्लामाबाद में आप ऑपरेशन सिंदूर पर झंडा फहराने वाले थे. तीनों देशों ने पाकिस्तान को थैंक्स कहा है. अब इस्लामाबाद की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और इसके लिए पीएम मोदी जिम्मेदार हैं।
ट्रंप, नेतन्याहू थक गए लेकिन ईरान नहीं थका- संजय राउत
इस युद्ध से ट्रंप भी थक चुके हैं. ईरान जैसे राष्ट्र ने ट्रंप को थकाया है. ट्रंप की बॉडी लैंग्वेज देखिए. नेतन्याहू भी थक चुके हैं. गल्फ के सभी राष्ट्र थक चुके हैं लेकिन ईरान नहीं थका है।
